आखिर क्या है अग्निपथ योजना 2022 | Agneepath Yojana चयन प्रक्रिया

अग्निपथ योजना

अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ, आप में से कई श्रोताओं को मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन की फिल्म याद आ गई होंगी पर आज हम यहां बात करने वाले हैं सरकार की नई अग्निपथ योजना के बारे में। आखिर है क्या यह योजना? क्यों हो रहा है इसका विरोध? क्या है सरकार की रणनीति जिसके तहत यह योजना लाई गई है? कितना भला या नुकसान होने वाला है हम भारतीयों का इस योजना के तहत? आज इन सभी प्रश्नों का पूर्ण समाधान मिलने वाला है। योजना से जुड़ी हुई बड़ी से बड़ी या छोटी से छोटी बात का करेंगे हम निरीक्षण यहां।

अग्निपथ योजना का पूर्ण विश्लेषण:-

14 जून, जी हां 14 जून वह तारीख है जब हमारे रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने यह योजना के शुरू होने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत 1 साल में हमारे देश के युवा वर्ग के लगभग 46 हजार लोगों को सशस्त्र बलों में 4 साल के लिए भर्ती ली जानी है; और उन परमवीर नौजवानों को ‘अग्निवीर’ कहकर पुकारा जाएगा। इस योजना के तहत भारतीय सेना में बहाली की शुरुआत की गई है परंतु एक विशेष 4 साल की अवधि के साथ और इसका नाम अग्निपथ स्कीम रखा गया है। इस स्कीम के तहत भले ही 4 साल की छोटी सी अवधि के लिए भारतीय सेना में बहाली हो रही हो परंतु इसको एसएससी यानी शॉर्ट सर्विस कमिशन किस श्रेणी में या उसके साथ इसका आकलन नहीं किया जा सकता |

इस योजना के तहत अब यदि आप सिर्फ दसवीं पास हो या 12वीं इससे फर्क नहीं पड़ता, आप अगर नौसेना में या जल सेना में या थल सेना में किसी मैं भी दाखिला करवा सकते हो यदि आप में देशभक्ति की चिंगारी है तो आप अग्निवीर के रूप में 4 साल तक के लिए देश की सेना में अपना योगदान दे सकते हो।
जैसे ही हमारी देश की सरकार ने इस योजना को लागू किया तब से देश में जरा हलचल सी हो रही है। देश के लोगों में आक्रोश और इस महत्वकांक्षी योजना के लिए असंतोष देखने को मिल रहा है।

क्यों हो रहा अग्निपथ योजना का विरोध?

अचानक से इस योजना के लागू हो जाने से देश में चल रही तत्काल सैन्य भर्तियां जिनके परिणाम आने शेष थे वह इस अचानक से हुए बदलाव से थोड़ी रुक सी गई है।
और विरोध का सबसे बड़ा कारण यह है की लगभग 25% युवा ही बस आगे अपनी सैन्य राह में आगे बढ़ पाएंगे और बचे हुए 75% लोगों को अपनी नौकरी छोड़नी पड़ेगी।
प्रशन:- अग्निवीर बनने के नियम?
उम्र 17 से 21 वर्ष के बीच (2022 के लिए 23वर्ष)
वेतन 30 से 40,000 प्रतिमाह

सरकारी पक्ष क्या कह रहा?

हमारे रक्षा मंत्री जी के मुताबिक यह एक सकारात्मक योजना है जिससे युवाओं में देशभक्ति का संचालन और देश की सेना में भर्ती होने का गौरव प्राप्त होगा। इससे होगा यह की देश की सुरक्षा बल को युवाओं की मजबूती भी मिलेगी और देश के लगभग हर एक युवा को अपनी देशभक्ति दिखाने का मौका इन 4 वर्षों में मिलेगा, फिर भले ही वह सेना को छोड़ अपनी पुरानी जिंदगी में वापस चले जाए 75% लोगों की तरह पूर्ण गौरव के साथ या अपने देश की सुरक्षा के लिए पूर्ण जीवन समर्पित करें बचे हुए 25% युवाओं की तरह।

75% युवा जिन्हें पद छोड़ना होगा उनके लिए सरकार ने एक निश्चित राशि (जोकि आकर से मुक्त होगी) और सरकार की तरफ से तकनीकी योग्यता का सर्टिफिकेट देना निश्चित हुआ है, जिससे उन्हें भविष्य में अपने योग्यता अनुसार किसी भी क्षेत्र में नौकरी मिले में आसानी होगी।

इससे देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और सेना में काम करने का अनुभव जो प्राप्त होगा वह अलग ही होगा। और यह अनुभव ना केवल उनकी यादों में रहेगा बल्कि उनके आने वाले भविष्य में भी उनकी सहायता करेगा फिर चाहे वह खुद की सुरक्षा के लिए यह दूसरों की या फिर किसी भी विभिन्न क्षेत्र में नौकरी के लिए आवेदन देने की बात हो। हमारी सरकार की अगर सुनें तो सोना के माध्यम से सरकार नई युवा पीढ़ी को सेना में भर्ती होने के लिए पेरिस भी कर रही हैं और देश की सेना को सशक्त भी कर रही हैं न युवा जोश और नई तकनीक को मैं माहिर बनने के लिए। सरकार का लक्ष्य हमारी सेना की औसत उम्र जो इस वक्त 32 वर्ष है उसे घटाकर 26 वर्ष करने की है जिससे ना केवल सेना को बल मिलेगी साथी साथ युवाओं को रोजगार के नए अफसर।

क्या विचार है एक्सपोर्ट्स के?

इस योजना को लेकर टिप्पणियां कुछ सकारात्मक है वही कुछ एक्सपर्ट इसका विरोध करते हैं और जब बीबीसी ने बात की तो एक्सपर्ट रिटायर्ड मेजर जनरल शेओनान सिंह जी ने इस योजना का विरोध करते हुए कहा की 4 साल समय किसी भी रूप में पर्याप्त नहीं है। उन्होंने अपनी बातों को समझाते हुए यह कहा की 4 साल में से 6 महीने तो ट्रेनिंग में ही निकल जाएंगे, बचे 3 साल और 4 महीने पर इसमें से भी स्पेशल ट्रेनिंग में समय लगना है क्योंकि किसी भी सैन्य अफसर को इन्फेंट्री में काम करने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग की आवश्यकता पड़ती ही है तो इस हिसाब से 2 साल से भी कम का वर्ष मिलेगा सेवा के लिए जो कि बिल्कुल गलत है उस नौजवान के लिए भी और हमारे देश के सुरक्षा के लिए भी।

अग्निपथ योजना के क्या कह रहे ताजा अपडेट्स:-

तो गर्मागर्म खबर यह आ रही है की हमारे रक्षा मंत्रालय ने यह नई घोषणा की है कि वह अपने अभी वीरो को 10 फ़ीसदी आरक्षण देंगे; और जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इसकी मंजूरी दे दी है।
इससे पहले भी हमारे अग्नि वीरों को सी ए पी एफ और आसाम राइफल में भी 10 फ़ीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया गया था।
सेना प्रमुख मनोज पांडे जी के अनुसार 24 जून 2022 से अग्निपथ योजना के तहत सेना में युवाओं की भर्ती शुरू हो जाएगी। और इससे जुड़े हर एक छोटी या बड़ी बात की सूचना सेना के आधिकारिक वेबसाइट mygov.in पर जारी कर दी जाएगी। अभी पर्स योजना के तहत सेना में भर्ती का पूर्ण सलेक्शन प्रोसेस 90 दिनों के भीतर खत्म होने वाला है।

(यू जी सी) और (आई जी एन ओ यू):-

दोनों संगठन साथ मिलकर इस योजना के माध्यम से भर्ती सैनिकों के लिए 3 वर्ष के भीतर कुल 20 प्रोग्राम शुरू करने की योजना में है। और यह बस एक हस्ताक्षर की दूरी है जो एमओयू पर होना है और इसके लिए हमारे नौसेना वायुसेना और थल सेना तीनों को साथ मिलकर इग्नू के साथ इस कार्य को पूर्ण करना है। यह कौशल आधारित प्रोग्राम के तहत अग्नि वीरों को प्राप्त कौशल की स्नातक डिग्री मिलेगी जिसमें से 50% क्रेडिट अग्नि वीरों को दिया जाएगा और बाकी के 50% उनके द्वारा चयन किए विभिन्न विषयों (जैसे भाषा, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, रणनीति विज्ञान, आदि) के द्वारा उन्हें प्राप्त होगा।

क्या है अलग-अलग राज्यों का हाल:-

राज्यों में हो रही प्रदर्शन को मद्यनज़र रखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवाजी सिंह चौहान जी ने अग्नि वीरों के लिए यह घोषणा की है कि उनकी 4 साल की अग्निपथ योजना के पूर्ण होने पर उन्हें मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी । हमारे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी श्री योगी आदित्यनाथ जी ने भी ऐसी घोषणा की है। और ऐसी ही घोषणाएं देश के अन्य राज्यों से भी सामने आ रही है और उनमें उत्तराखंड भी है।

वेतन संचारण:

ऐसी योजना के तहत चने गए अभी वीरों को अपने कार्य विधि के पहले वर्ष 30,000 रुपए मासिक वेतन मिलेगी, (जिसमें से 9000 रुपए काट लिए जाएंगे और यह उनकी बचत खाते में जमा कर ही जाएगी और इसमें उतना ही हिस्सा सेना की तरफ से उनकी से दिन में मिलाए जाएंगे) और बढ़कर 40,000 तक पहुंच जाएगी उनके कार्यशैली के अंत तक। प्रति साल यह सेविंग वाली राशि बढ़ेगी।
वेतन पैकेज कुछ इस प्रकार है कि पहले वर्ष में अभी जीरो को 4.76 लाख रुपए दिए जाएंगे जो अंतिम वर्ष तक बढ़कर 6.92 लाख हो जाएंगे।
इसके अलावा अभी वीरों का जीवन बीमा कराएं जाएगा जो कि 48 लाख रुपयों का होगा।
अग्निपथ योजना की वेतन संरचना-

अग्निपथ योजना 2022

भर्ती प्रक्रिया:-

इसके लिए अभी कोई नया नियम ना बनाते हुए आर्मी में पुराने तरीके से भर्ती की प्रिया का ही पालन सिया जाना है। पहले की तरह वाह को लिखित परीक्षा एवं शारीरिक परीक्षा दोनों में क्वालीफाई करना होगा और उसके बाद बाद इसी प्रक्रिया जो कि मेडिकल जांच की है उसके लिए जा पाएंगे।

मृत्यु कि दशा में क्या होगा?

48 लाख रुपयों का गैर-अंशदाई जीवन बीमा, और यदि मृत्यु जैसी नौबत आई तो शहीद जवान के परिवार को 44 लाख रुपयों कि राशि दिया जाएगा। और साथ ही उस शहीद नौजवान के बजे हुए सेवाकाल का वेतन भी उनके परिवार वालों को दिया जाएगा।

यदि कोई अग्नि वीर सैनिक दिव्यांश हो जाए, तो?

यदि ऐसा होता है तो उस सैनिक की दिवंगता प्रतिशत के अनुसार उनके परिवार वालों को मुआवजा दिया जाएगा|

अग्निपथ योजना

तो कुछ इस प्रकार की है यह अग्निपथ योजना जो हमारी सरकार के द्वारा अभी रिलीज़ हुई है और जल्दी एक्शन में आने वाली है। भले ही लोग इसका कितना भी विरोध करें परंतु इसकी कुछ अच्छाइयां ऐसी है जिसे नगर अंदाज नहीं किया जा सकता। रही बात इसके अवगुणों की तो ऐसा है कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं पर अगर हम सिर्फ बुराई वाले हिस्से पर ही नजरें बनाए रखेंगे तो इसी अच्छाइयों को देखी नहीं पाएंगे, इसलिए पहले से कुछ भी सोच कर इसका विरोध करने से बेहतर यह है कि कुछ समय इसका पालन करके देखा जाए क्या पता यह हमारे देश की रहने पर कोन मुकाम पर लेकर जाए।

कृपया अधिक योजना के लिए https://schemeofgovernment.com/ पर visit करे



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